अगर देखनी है उत्तराखंड की असली खूबसूरती, तो एक बार जरूर घूमने जाएं यहां
रानीखेत। अल्मोड़ा जिले में स्थित रानीखेत न केवल पर्यटन स्थल के रूप में बल्कि कैंट क्षेत्र के तौर पर भी जाना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजा सुधारदेव ने किसी बात पर अपनी रानी पद्मिनी का दिल जीता था तभी से इस स्थान का नाम रानीखेत पड़ा। यहां स्थित देवदार और ओक के घने जंगलों के कारण गुलदार और पहाड़ी बकरियां भी बड़ी संख्या में मिलती हैं।
बताते चलें, रानीखेत उत्तराखंड का एक प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थल है। देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरा रानीखेत एक छोटा सा हिल स्टेशन है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन से 85 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह अच्छी पक्की सड़क से जुड़ा है। रानीखेत में कैज्युअल ट्रिप के लिए पिण्डारी ग्लेशियर, कौसानी, चौबटिया और कालिका पहुंचा जा सकता है।
देश से बाहर घूमने का बना रहे हैं प्लान तो एक बार जरूर घूम लो यहां
यही नहीं, रानीखेत का सबसे बड़ा आकर्षण है यहां का विश्व प्रसिद्ध गोल्फ का मैदान, इस मैदान को उपट कालिका के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दूर तक फैले चीड़ व देवदार के लम्बे और घने पेड़ पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं।
यही नहीं, रानीखेत का सबसे बड़ा आकर्षण है यहां का विश्व प्रसिद्ध गोल्फ का मैदान, इस मैदान को उपट कालिका के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दूर तक फैले चीड़ व देवदार के लम्बे और घने पेड़ पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं।
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इसके अलावा चौबटिया में प्रदेश सरकार के फलों के उद्यान हैं। इस पर्वतीय नगरी का मुख्य आकर्षण यहां विराजती नैसर्गिक शांति है। रानीखेत में फ़ौजी छावनी भी है। इसलिए अगर आप सर्दियों में कोई ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो एक बार रानीखेत जरुर घूमकर आइए।
इसके अलावा चौबटिया में प्रदेश सरकार के फलों के उद्यान हैं। इस पर्वतीय नगरी का मुख्य आकर्षण यहां विराजती नैसर्गिक शांति है। रानीखेत में फ़ौजी छावनी भी है। इसलिए अगर आप सर्दियों में कोई ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो एक बार रानीखेत जरुर घूमकर आइए।

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